Saturday, October 16, 2021

OTT के लिए नई गाइडलाइन्स आने पर क्या बोले फिल्मी जगत के दिग्गज

सरकार ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस कॉन्फ्रेंस में सरकार ने सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की. जिन्हें हर सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म को फॉलो करना होगा. यह नई गाइडलाइन्स गजट में प्रकाशित होने के बाद लागू हो जाएंगी, लेकिन सरकार ने नई गाइडलाइन्स को लागू करने से पहले कंपनियों को तीन महीने का समय दिया है.

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नई गाइडलाइन्स के आने के बाद फिल्मी जगत के लोगों की ओर से रिएक्शन आने चालू हो गए. बताते हैं कि किसने क्या कहा.

पद्म श्री से सम्मानित फिल्ममेकर नील माधब पांडा ने ट्वीट किया,

सेल्फ रेगुलेशन और दर्शक की उम्र के हिसाब से कंटेंट को बांटना बेहद जरूरी था. यह सही दिशा में कदम है. ये नई गाइडलाइन्स OTT और दर्शकों के लिए विन विन सिचुएशन है.

इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया, लिखा-

आजादी, जिम्मेदारी के साथ आती है. डिजिटल मीडिया का अगर सही इस्तेमाल किया जाए, तो उसका सही तरीके से प्रयोग किया जा सकता है. सरकार ने बहुत अच्छा निर्णय लिया है. शिकायत के लिए एक मंच देना भी सही तरीका है.

डायरेक्टर प्रियदर्शनी ने भी ट्वीट कर लिखा-

OTT प्लेटफॉर्म के लिए गाइडलाइन्स जारी कर मोदी सरकार ने बहुत अच्छा कदम उठाया है.कलाकार के काम को सम्मान देते हुए शिकायत के निवारण के लिए मंच प्रदान किया है.

ताशकंद फाइल्स के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ट्वीट कर इसके बारे में लोगों से राय मांगी है, उन्होंने ट्वीट कर लिखा-

इस नई OTT गाइडलाइन्स पर आपकी क्या राय है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जो पहल टीवी कलाकार रह चुकी हैं, उन्होंने भी ट्वीट कर लिखा,

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले बच्चों से जुड़े सैक्शुअल कंटेंट को ध्यान में रखते हुए, जो रवि शंकर प्रसाद जी ने स्टेप लिया है उसके लिए मेरा आभार. भारत सरकार का यह कदम बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा.

 

यह भी पढ़ें- सोशल मीडिया पर लिखने से पहले दो बार सोचें, क्योंकि सरकार ये नए नियम ला रही है

OTT के लिए नई गाइडलाइन्स

  • इन्फॉर्मेशन एंड ब्राॉडकास्टिंग मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि उनके पास 40 OTT प्लेटफॉर्म की जानकारी है. उन्होंने सभी प्लेटफॉर्म से तीन बार बात की. जब कोई सेल्फ रेग्युलेटिंग मैकेनिज्म नहीं बन पाया तो नए नियम लाने का फैसला किया गया.
  • OTT प्लेटफॉर्म को टीवी और अखबार की तरह एक सेल्फ रेगुलेटिंग बॉडी बनानी होगी. इसका हेड सुप्रीम कोर्ट का रिटायर्ड जज और कोई नामी व्यक्ति होगा.
  • OTT पर दिखाए जाने वाले सीरियल के लिए वही गाइडलाइन लागू होगी, जो टीवी के लिए होती.
  • सरकार ने मूवीज में किसी भी तरह के सेंसर की बात नहीं की है. इन्हें व्यूअर्स की उम्र के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरी में रखना होगा. उदाहरण के तौर पर 13+, 16+ और Adult आदि.
  • OTT प्लेटफॉर्म को पैरेंटल कंटेंट कंट्रोल की सुविधा देनी होगी. इससे लोग तय कर सकेंगे कि उनके घर में किसी खास तरह के कंटेट को बच्चे न देख पाएं.
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