Friday, October 15, 2021

केंद्र और चुनाव आयोग को दिल्ली हाईकोर्ट की फटकार, पूछा-चुनावी रैलियों में मास्क जरूरी क्यों नहीं?

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. सभी पॉलिटिकल पार्टियां वोटर्स को आकर्षित करने के लिए चुनावी रैलियां कर रही हैं. लेकिन इन चुनावी रैलियों में नेताओं से लेकर समर्थक तक बिना मास्क के दिखे.
इसी सिलसिले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है. नोटिस में कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान मास्क की अनिवार्यता को लेकर जबाव मांगा. कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से पूछा कि चुनावी रैलियों के दौरान लोग बिना मास्क क्यों दिख रहे हैं?

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दरअसल, थिंक टैंक सेंटर फॉर अकाउंटेबिलिटी ऐंड सिस्टेमेटिक चेंज के चेयरमैन विक्रम सिंह ने चुनावी रैलियों में कोविड प्रोटोकॉल (Covid19 Protocols) के पालन न होने पर याचिका डाली थी. इस याचिका में उन्होंने मांग की थी कि चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप्स और अन्य वेबसाइट पर चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल की जानकारी उपलब्ध कराए. इसके अलावा चुनाव आयोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म जैसे सोशल मीडिया, टीवी के जरिए चुनाव में कोविड19 प्रोटोकॉल के बारे में जागरुकता फैलाए.

बता दें, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. 4 राज्यों में वोटिंग हो चुकी है. वहीं, पश्चिम बंगाल में 10 अप्रैल को चौथे चरण की वोटिंग होनी है. राज्य में चुनाव कुल 8 चरण में होने हैं. विक्रम ने याचिका में कहा कि कोविड19 प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाकर चुनाव प्रचार का काम जोर-शोर से हो रहा है.

इस याचिका में उन्होंने कहा कि देश में तेजी से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल और असम की चुनावी रैलियां की जा रही है. विक्रम ने याचिका में लोगों को सख्ती से कोरोना गाइडलाइन का पालन कराना और नेताओं को मिली छूट का मुद्दा उठाया है. उन्होंने याचिका में कहा, आम लोगों और नेताओं के बीच अंतर करना आर्टिकल 14 का उल्लंघन है.

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ के इस शहर में कोरोना महामारी का तांडव, दाह-संस्कार के लिए कम पड़ी जगह

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