Saturday, October 16, 2021

भारत-पाकिस्तान शांतिवार्ता पर क्या कहते हैं डिफेंस एक्सपर्ट

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के रिश्ते को लेकर एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है. पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के संबंधों में कई डेवलपमेंट हुए हैं. इनमें से कुछ डेवलपमेंट बैक डोर से तो कुछ ओपन चैनल के जरिए हुए हैं. अब बताया जा रहा है कि दोनों देश बातचीत के ट्रैक पर वापस आ रहे हैं. डिफेंस एक्सपर्ट की राय से पहले हम जान लेते हैं कि हाल ही में वे कौन से डेवलपमेंट हुए हैं.

पाकिस्तानी अफसरों का दिल्ली आना
- Advertisement -

23 मार्च को पाकिस्तानी अफसरों का दल दिल्ली पहुंचा था. ऐसा ढाई साल में पहली बार हुआ है. इस दल के अफसर सिंधु नदी जल बंटवारे के लिए स्थाई बैठक में शामिल हुए थे. आर्टिकल 370 , पुलवामा और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच यह पहली बैठक थी. क्योंकि पुलवामा अटैक के बाद से दोनों देशों के रिश्ते एकदम निचले स्तर पर चले गए थे. जिसके कारण दोनों देशों के बातचीत एकदम बंद हो गई थी. जिसके चलते सिंधु नदी जल बंटवारे की बैठक नही हो पाई. इससे पहले दोनों देशों के बीच 2018 में बैठक हुई थी.

पीएम मोदी का इमरान को खत लिखना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान दिवस के मौके पर इमरान खान को खत लिखा. जिसमें उन्होंने कुछ शर्तों के साथ पाकिस्तान से बेहतर संबंध रखने की बात कही. पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि इसके लिए भरोसे का वातावरण और आतंकवाद का अंत होना जरूरी है. इससे पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और पीएम इमरान खान ने भारत के साथ संबंध सुधारने की इच्छा जताई थी.

सीजफायर को रोकने के किए DGMO लेवल की बातचीत

इस साल फरवरी में दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा डेवलपमेंट हुआ. इस महीने दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर DGMO लेवल की बातचीत हुई. इस बातचीत में तय किया गया कि 24-25 फरवरी से उन सभी पुराने समझौतों को फिर से फॉलो किया जाएगा जो सीजफायर एग्रीमेंट में किया गया था.

भारत-पाकिस्तान के बीच ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़

साल के अंत तक भारत पाकिस्तान के साथ एंटी टेररिज्म ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ में भाग के ले सकता है. आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा होगा कि दोनों देश एक साथ मिलिट्री एक्सरसाइज़ करेगा. हालांकि इसकी कोई सरकारी घोषणा नही हुई है. लेकिन अटकलें लग रही हैं कि इस कार्यक्रम से भारत पीछे नही हटेगा क्योंकि SCO रूस की प्रतिष्ठा का सवाल है. ऐसे में भारत मास्को को नाराज नहीं देखना चाहता है.

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए इन डेवलपमेंट्स को लेकर एक्सपर्ट की क्या राय है आइए इसे भी जानते हैं….

भारत-पाकिस्तान बातचीत के ट्रैक पर वापस आ रहे हैं?

इसके बारे में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल और पूर्व DGMO विनोद भाटिया कहा कि पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच जो डेवलपमेंट हुए हैं, उन्हें पॉजिटिव-वे में देखना चाहिए. उरी हमले के बाद हमने पाकिस्तान से बातचीत बंद कर दी थी क्योंकि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती है. यदि अब पाक आगे बढ़कर बातचीत की बात कर रहा है तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए और वैसे भी हम शुरू से शांति की हिमायत करते आ रहे हैं.

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह कहना है कि पाकिस्तान की हिस्ट्री के मुताबिक उस पर भरोसा करना मुश्किल है. वह हमेशा से एंटी इंडिया और कश्मीर को लेकर साजिशें रचता रहा है. लेकिन हाल ही में पकिस्तान की तरफ से जो कुछ बदलाव देखने को मिले हैं. वह दोनों देशों के लिए एक अच्छा संकेत है.

वहीं पूर्व विदेश महासचिव कंवल सिब्बल इसे बहुत बड़ा डेवलपमेंट नहीं मानते हैं. उनका कहना है कि इसमें कुछ नया नहीं है. बस कुछ लोग इसे बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं. इसके अलावा कुछ लोगों की पॉलिटिकल लॉबी है जो बता रहे हैं कि देखिए पकिस्तान शांति की पहल कर रहा है.

उन्होंने कहा, क्या पाकिस्तान ने कभी कहा कि वह कश्मीर को लेकर बात नहीं करेगा? कभी नहीं कहा. तो क्या कश्मीर को लेकर पाकिस्तान से बातचीत हो सकती है? न बिलकुल नहीं. अगर पकिस्तान सच में रिश्तों को सुधारना चाहता है तो वह कश्मीर पर बात करना बंद करे. साथ ही मुंबई धमाके के दोषियों को सजा दे और दाऊद इब्राहिम पर कार्रवाई करे. इसके अलावा पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को छोड़े तब माना जाएगा कि वह सच में शांति चाहता है.

बातचीत पकिस्तान की मजबूरी है?

गुरमीत सिंह का कहना है कि इस समय पकिस्तान चारो तरफ से घिरा हुआ है. उसकी इकोनॉमी आखिरी सांसे गिन रही है. साथ ही उस पर इंटरनेशन प्रेशर बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में उसके पास भारत से बातचीत करने के अलावा और कोई चारा नहीं है.

इस बारे में विनोद भाटिया ने कहा कि भारत एक ग्लोबल लीडर के तौर पर उभर रहा है. दुनिया में हम ताकतवर हो रहे हैं. ऐसे में हमारा विरोध करके पाकिस्तान को कुछ नही मिलेगा. इसलिए शांतिवार्ता उसकी मजबूरी है.

वहीं, कवंल सिब्बल का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद से पाकिस्तान परेशान है. वह अपने एजेंडे को आगे नहीं ले जा पा रहा है. अलगाववादी ताकतें कमज़ोर हो गई हैं. पाकिस्तान की डिप्लोमेसी कई देशों के साथ खराब हो चुकी है. उसके अजीज़ दोस्त सऊदी और UAE ने भी उसका साथ छोड़ दिया है.

इसके अलावा दूसरी बात यह भी है कि जिस तरह से भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया है. इससे पकिस्तान पीछे हट गया है. उसको समझ आ गया है कि चीन के साथ उसकी दोस्ती भारत के खिलाफ काम नहीं आने वाली है.

भारत को पाकिस्तान के साथ मिलिट्री एक्सरसाइज करनी चहिए?

पूर्व DGMO विनोद भाटिया और गुरमीत का कहना है कि भारत को पाकिस्तान के साथ एंटी टेररिज्म ज्वाइंट मिलिट्री एक्सरसाइज़ में जरूर भाग लेना चाहिए. क्योंकि इससे पूरी दुनिया में मैसेज जाएगा कि भारत हर एक्सरसाइज में पार्टिसिपेट करेगा जो आतंकवाद के खिलाफ है. लेकिन इसे लेकर कंवल सिब्बल की राय कुछ और ही है. उनका कहना है कि पाकिस्तान के साथ भारत को मिलिट्री एक्सरसाइज़ बिलकुल भी करनी चाहिए. अगर हमने ऐसा किया तो हम पूरी दुनिया को कैसे बताएंगे कि पकिस्तान आतंकवाद को सपोर्ट करता है?

क्या ये डेवलपमेंट स्थाई होंगे?

जनरल गुरमीत सिंह के मुताबिक पाकिस्तान की हिस्ट्री की वजह से यह कहना बेहद मुश्किल होगा कि ये डेवलपमेंट कितने दिनों तक स्थाई रहेगा. लेकिन जब तक यह रहेगा तब तक दोनों देशों को फायदा होगा. उनका कहना है कि यह डेवलपमेंट कितने दिनो तक स्थाई रहेगा यह जानने के लिए हमें पता लगाना होगा कि पाकिस्तान बातचीत के लिए राजी क्यों हुआ है.

दरअसल, पाकिस्तान को यह एहसास हो गया है कि अब हालात बदल गए हैं. अगर उसने कोई भी हरकत की तो भारत उसका जोरदार जवाब देगा. सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट स्ट्राइक की वजह से पाकिस्तान पीछे हट गया है और वह नही चाहता है कि भारत उस पर कोई कार्रवाई करे.

भारत को फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहिए?

गुरमीत सिंह का कहना है, इस वक्त जिस तरह से तीनों सेनाएं एक साथ काम कर रही हैं. उसे आगे जारी रखना चाहिए. हमें अपने रेड लाइन्स को हमेशा ओपन रखने चाहिए. साथ ही POK और अक्साई चिन को लेकर हमारा स्टैंड क्लियर होना चाहिए. सबसे बड़ी बात पाकिस्तान और चीन दोनों ही भरोसे के लायक नहीं है. इसलिए बातचीत के साथ हमें अलर्ट रहने की भी जरूरत है.

यह भी पढ़ें- बांग्लादेश दौरा: पीएम मोदी पहुंचे जशोरेश्वरी काली मंदिर, कहा- मंदिर में कम्यूनिटी हॉल बनावएंगे

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

135FansLike

Latest Articles