Thursday, August 5, 2021

किसानों का ऐलान – 26 मार्च को ‘भारत बंद’, मनाएंगे ‘काली होली’, व्यापारियों का मिला साथ

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान-मजदूर मोर्चा ने 26 मार्च को भारत बंद करने का ऐलान किया. किसानों ने इसे सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरु कर दी हैं. 26 मार्च को भारत बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा. इसके साथ किसान संगठनों ने काली होली मनाने का फैसला लिया है. यह फैसला किसान मोर्चा की बैठक में लिया गया है. इस दिन सभी टोल प्लाजा को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा.

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भारत बंद के दौरान आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर किसी भी प्रकार की अन्य वस्तुओं को गांव से शहर नहीं भेजा जाएगा. साथ ही यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. इसे सफल बनाने के लिए किसानों ने सभी व्यापारिक संगठनों, जन संगठनों, स्कूल संचालकों और अन्य संगठनों से अपील की है कि भारत बंद को कामयाब करने के लिए साथ दें. इस बार किसानों ने 26 मार्च को भारत बंद के ऐलान के साथ 28 मार्च को काली होली मनाने का भी फैसला लिया है.

भारत बंद में मिलेगा व्यापरियों का साथ?

इसके बारे में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के विरोध में 26 मार्च को भारत बंद बुलाया है. इस दौरान सभी मंडियों में हड़ताल रहेगी. व्यापार मंडल किसान आंदोलन का खुलकर समर्थन करता है. किसान और व्यापरियों का चोली-दामन का साथ है. अगर किसान के खेत में दाने होंगे तभी व्यापार चलेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

किसी के हित में नहीं है यह कानून: बजरंग गर्ग

उन्होंने कृषि कानून किसान, अढ़ती, मजदूर और आम जनता किसी के हित में नहीं है. इस कानून से बड़ी-बड़ी कंपनियां सब्जी व फलों की तरह अनाज का भंडारण कर लेंगी और देश में पहले से कई ज्यादा मंहगाई को हवा देगी. कृषि में सरकार ने स्टॉक में छूट देकर जमाखोरी को बढ़ावा दिया है. इसके साथ ही भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा. किसी भी सूरत में देशहित में नहीं है.

आपको बता दें, केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं. उनका यह आंदोलन चार महीनों से चल रहा है. नवंबर 2020 में किसान प्रदर्शन करने दिल्ली बॉर्डर पर इकट्ठे हुए थे. किसानों की मांग है कि सरकार इन तीनों कानूनों को वापस रद्द कर दे. लेकिन सरकार अपने इस फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं है.

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