Saturday, October 16, 2021

फ्रेंच मीडिया का दावा राफेल सौदे में हुआ भ्रष्टाचार, गिफ्ट के नाम पर क्लाइंट को दिए करीब 4 करोड़

पेरिस। फ्रांस की समाचार वेबसाइट पार्ट ने एक बार फिर से राफेल (Rafale) सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. फ्रेंच एंटी करप्शन एजेंसी AFA की जांच रिपोर्ट के हवाले से छपी खबर के अनुसार दसॉल्ट (Dassault) एविएशन ने कुछ फर्जी नजर आने वाले ट्रांजेक्शन किए हैं. 2017 में ऑडिट के दौरान कंपनी ने 5,08,925 यूरो यानी 4.39 करोड़ रुपए का खर्च क्लाइंट के नाम गिफ्ट के तौर पर दिखाया है. लेकिन इतनी बड़ी राशि का कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं दिया.

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इस बारे में AFA ने दसॉल्ट एविएशन से पूछताछ की तो कंपनी ने बताया कि उसने राफेल के 50 मॉडल भारत की एक कंपनी से बनवाए हैं. इन मॉडल के लिए प्रति नग 20 हजार यूरो यानी 17 लाख रुपए भुगतान के तौर पर दिए गए थे. लेकिन कंपनी ने इस बात का प्रमाण नहीं दिया कि ये मॉडल कैसे और कहां इस्तेमाल किए गए.

फ्रेंच मीडिया पार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक DEFSYS SOLUTION को कथित तौर पर मॉडल बनाने के लिए दिया गया था. भारत में यह कंपनी दसॉल्ट की सब-कॉन्ट्रैक्टर कंपनी है. इस कंपनी के ओनर सुषेण गुप्ता है, जो रक्षा सौदों के बिचौलिए और दसॉल्ट कंपनी के एजेंट रह चुके हैं.

2019 में सुषेण गुप्ता को अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. रिपोर्ट के मुताबिक सुषेण गुप्ता ने दसॉल्ट एविएशन को मार्च 2017 में राफेल मॉडल बनाने का बिल दिया था.

चुनाव के बीच फिर उठेगा राफेल का मुद्दा

फ्रेंच वेबसाइट की इस रिपोर्ट के बाद एक बार फिर से राफेल रक्षा सौदों पर सवाल उठेंगे. पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने राफेल सौदे में हुए भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया था. देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं. 5 अप्रैल को तीसरे चरण के चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में जाहिर है कि कांग्रेस को केंद्र सरकार को घेरने का मौका मिल गया है.

मीडिया पार्ट की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. पार्टी के प्रवक्ता राजदीप सुरजेवाला ने इस पूरे लेन-देन को गिफ्ट टू क्लाइंट की संज्ञा दी है. उन्होंने कहा कि अगर राफेल मॉडल बनाने के पैसे थे, तो इसे गिफ्ट की संज्ञा क्यों दी गई? क्या यह लेन-देन छिपे हुए ट्रांजेक्शन का हिस्सा था. ये पैसे जिस कंपनी को दिए गए हैं वह मॉडल बनाती ही नहीं है. आखिर 60 हजार करोड़ रुपए के राफेल रक्षा सौदे की सच्चाई सामने आ गई है. हम नहीं बोल रहे हैं, फ्रांस की मीडिया कह रही है.

यह भी पढ़ें- नेशनल मीडिया सेंटर के बाहर मिला संदिग्ध सामान, इलाके में मचा हड़कंप, जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

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