Saturday, October 16, 2021

Kisan Andolan: ‘टूलकिट’ मामले में दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी सफलता, क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को किया गिरफ्तार

किसान आंदोलन के समर्थन में रिहाना , ग्रेटा समेत कई अतंर्राष्ट्रीय नामचीन हस्तियों ने ट्वीट किया था। इसी बीच क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीटर पर एक टूलकिट साझा किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया था। इस टूलकिट को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ गई। भारत सरकार ने इसे भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रोपेगेंडा बताया और टूलकिट को बनाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

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भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रोपेगेंडा वाले टूलकिट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बंगलुरु से 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार कर लिया है। दिशा पर आरोप है कि किसान आंदोलन से जुड़ी टूलकिट को उसी ने एडिट किया था और आगे शेयर किया था।

मिली जानकारी के मुताबिक, दिशा एफएफएफ की सह-संस्थापक हैं। इस संगठन ने 2018 में ग्लोबल क्लाइमेट स्ट्राइक मूवमेंट शुरु किया था। दिशा ने माउंट कार्मल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन किया है। वह इस समय गुड मिल्क कंपनी में कलीनरी एक्सपीरियंस मैनजर हैं। दिशा के पिता मैसूर में कोच हैं और मां हाउस वाइफ है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस टूलकिट का मकसद भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचना है। केस केवल टूलकिट के क्रिएटर्स के खिलाफ की गई है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ राजद्रोह, आपराधिक साजिश और भारतीय दंड संहिता के आधार पर केस दर्ज किया गया है। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

क्या है टूलकिट?

टूलकिट का पहली बार जिक्र अमेरिका में ब्लैक लाइफ मैटर नाम के आंदोलन पर शुरु हुआ था। अमेरिकी पुलिस के द्वारा एक अश्वेत की हत्या किए जाने के बाद इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी। अमेरिका में इस आंदोलन की शुरुआत करने वाले लोगों ने एक टूलकिट बनाई थी, जिसमें आंदोलन में शामिल कैसे हुआ जाए, किस जगह पर जाया जाए, पुलिस के एक्शन पर क्या किया जाए? कौन से हैशटैग का इस्तेमाल किया जाए समेत कई बातों का जिक्र था।

इससे साफ है कि टूलकिट एक डिजिटल हथियार है जो सोशल मीडिया पर एक बड़े पैमाने पर आंदोलन को हवा देने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को उसमें जोड़ने के लिए किया जाता है। टूलकिट में वह सभी चीजें मौजूद होती हैं जो उन्हें फॉलो करने के लिए कहा जाता है ताकि आंदोलन बढ़े और किसी तरह की कोई बड़ी कर्रवाई न हो सके।

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टूलकिट से कैसे साजिश रची?

इस टूलकिट में एक्शन प्लान के बारे में बताया गया है जिसमें 26 जनवरी को और उसके आस-पास डिजिटल स्ट्राइक करना है। ट्वीट करके सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी देना है कि 23 जनवरी को फिजिकल एक्शन करना है।

26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च और 2 मार्च को एक अन्य कार्यक्रम किसानों की तरफ से किया गया है उसे ज्वाइन करना है। इसके लिए टूलकिट को देखना है कि कैसे दिल्ली में प्रवेश करना है और कैसे वापस बार्डर पर आना है। यह सभी जानकारी टूलकिट के जरिए लोगों को बताया गया था, जिसे अपलोड कर पूरी जानकारी लेने के लिए कहा गया था। हालांकि बाद में इसे डिलीट भी कर दिया था।

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