Saturday, October 16, 2021

अमित शाह का ओवैसी पर वार, कहा- अफसरों में हिंदू-मुस्लिम दिखता है और खुद को सेक्यूलकर बोलते हैं?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन ( संशोधन) अधिनियम पर चर्चा के दौरान के विरोधियों के सवालों का मुंहतोड़ जवाब दिया। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन ( सशोधन) विधेयक पर विपक्ष ने आपत्ति जताई थी। अमित शाह ने सबसे पहले कांग्रेस को दवाब दिया और कहा, अनुच्छेद-370 हटे हुए अभी 17 महीने हुए हैं, 70 साल तक शासन करने वाली पार्टी ने क्या किया, इसका हिसाब लेकर आए हो क्या? वहां पर तीन परिवार के लोगों ने शासन किया और 370 पर जोर दिया।

- Advertisement -

जिनकी पीढ़ियों को शासन करने को मिला वो अपने गिरेबान में झांके कि वह हिसाब मांगने के लायक हैं या नहीं। शाह ने कहा, अभी तक वहां पर प्रशासन स्थिति संभाले था फिर कोविड आ गया। आज मैं आना-पाई का हिसाब देता हूं और एक-एक काम का हिसाब देता हूं।

आपके मन में हिंदू-मुस्लिम है: अमित शाह

अमित शाह ने सभी आशंकाओं को दूर किया कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मन की आशंकाओं को जम्मू-कश्मीर के नागरिकों पर थोपिए। अमित शाह ने विपक्षी पार्टियों को पढ़कर आने की सलाह दी और AIMIM सांसद ओवैसी पर निशाना साधते कहा, आपके मन में सब हिंदू-मुस्लिम है….मै आपको समझता हूं। आपने अफसरों को हिंदू-मुस्लिम बांट दिया और खूद को सेक्यूलर बोलते हैं। अमित शाह ओवैसी से सवाल करते हुए पूछा, एक मुस्लिम अफसर हिंदू जनता की सेवा नहीं कर सकता है या एक हिंदू अफसर मुस्लिम जनता की सेवा नहीं कर सकता है क्या?

यह भी पढ़ें- Budget Session: संसद में वित्त मंत्री ने राहुल गांधी को ‘हम दो हमारे दो’ वाले बयान पर घेरा, कहा- हमारे मित्र ‘दामाद’ नहीं है

मोदी सरकार दबाव में फैसले नहीं लेती

ओवैसी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था, जम्मू-कश्मीर में 2जी से 4जी सेवा की बहाली विदेशियों के दबाव में आकर लागू किया था। इसका जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि उन्हें यह पता नहीं है कि यूपीए की सरकार नहीं है जिसकी वह समर्थन करते थे। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है, जो देश के लिए फैसले लेती है।

जम्मू-कश्मीर का राजनीतिकरण न करे विपक्ष

गृहमंत्री ने कहा कि सदन के लोगों से गुजारिश करता हूं कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर राजनीति न करें। कृपया उसकी स्थिति के बारे में समझे। ऐसा कोई राजनीतिक बयान न दें कि जनता गुमराह हो। अमित शाह ने कहा जम्मू-कश्मीर को राजनीति का हिस्सा न बनाएं। राजनीति करने के लिए और भी बहुत से मुद्दे हैं। मगर यह देश का संवेदनशील हिस्सा है, उनको कई घाव लगे हैं और उन पर मरहम लगाना हमारा काम है।

जम्मू-कश्मीर में लोगों की जमीन सुरक्षित है

अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में जमीन छिन जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, हमने जम्मू-कश्मीर के लिए भूमि बैंक बनाए हैं। इससे प्रदेश में रह रहे किसी भी व्यक्ति की जमीन नहीं जाएगी। अतीत में विपक्षियों ने जमीनें अपने चट्टे-बट्टों में बांट दी, पर अब ऐसा नहीं होगा। हमने भूमि बैंक बनाया है, इसस उद्योग लगेगें और राज्य आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।

हालांकि चर्चा के बाद विधेयक को पारित कर दिया गया। इस बिल के प्रावधानों के मुताबिक मौजूदा  जम्मू-कश्मीर कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारी अब अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेशों के कैडर का हिस्सा होंगे।

 

 

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

135FansLike

Latest Articles