Thursday, August 5, 2021

राफेल विवाद: भारतीय कंपनी ने खारिज किए मिडिलमैन होने के आरोप, दिखाया खरीद का लेखा-जोखा

नई दिल्ली। कुछ दिन पहले फ्रांसीसी समाचार वेबसाइट मीडियापार्ट ने राफेल सौदे को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. यह रिपोर्ट फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी AFA के हवाले से बनाई गई थी. इस रिपोर्ट में फ्रंसीसी मीडिया ने आरोप लगाया कि राफेल सौदे में भारतीय कंपनी DEFSYS SOLUTION ने मिडिलमैन के तौर पर कमीशन खाया है.

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मीडियापार्ट की रिपोर्ट आने के बाद एक बार फिर से राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का मामला गरमा गया. इसे लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षों दलों ने केंद्र सरकार को घेर लिया. इन आरोपों के बीच मंगलवार यानी 6 अप्रैल को भारतीय कंपनी सामने आई और मीडिया पार्ट के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया. कंपनी का कहना है कि उसने Dassault एविएशन कंपनी को राफेल विमान के 50 नकली (dummy)मॉडल दिए थे.

मिले ऑर्डर के आधार पर की डिलीवरी

समाचार वेबसाइट मीडियापार्ट की इस रिपोर्ट में दावा किया गया था, कि Dassault एविएशन ने विमान के 50 मॉडलों के लिए DEFSYS SOLUTION को प्रति नग 20 हजार यूरो यानी 17 लाख रुपए दिए है. जिसे ट्रांजेक्शन में गिफ्ट के तौर पर दिखाया गया है. साथ ही दावा किया कि फ्रांस की एंटी करप्शन एजेंसी के इंस्पेक्टरों को इन मॉडलों के बनाए जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

कंपनी ने दिखाए टैक्स रसीद

इसके अलावा कंपनी ने टैक्स रसीदों को जारी करते हुए सभी आरोपों का खंडन करने की कोशिश की. कंपनी ने कहा कि यह दावा बेबुनियाद और भ्रामक है. हमने रक्षा मंत्रालाय के ऑर्डर पर Dassault एविएशन को राफेल विमान के 50 मॉडलों की सप्लाई की थी. हमने इससे संबंधित अधिकारियों को इन मॉडलों की सप्लाई से जुड़े डिलीवरी चालान, ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न के सभी दस्तावेज जमाकर दिए हैं.

यह भी पढ़ें- फ्रेंच मीडिया का दावा राफेल सौदे में हुआ भ्रष्टाचार, गिफ्ट के नाम पर क्लाइंट को दिए करीब 4 करोड़

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