Thursday, August 5, 2021

JNU छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही हैं

पश्चिम बंगाल। आइशी घोष जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्रसंघ की अध्यक्ष है. वह 26 साल की हैं. अब वह बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवाद) CPI (M) ने आइशी को पश्चिम बर्दवान जिले के जमुरिया सीट से टिकट दिया है. बता दें, आइशी घोष जनवरी 2020 में JNU हिंसा के दौरान सुर्खियों में आई थी.

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CPIM दिग्गज नेताओं के साथ युवाओं को टिकट दे रहा है

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आइशी घोष Students federation of India (SFI) की नेता हैं. उनका घर बुर्दवान जिले के दुर्गापुर शहर में है. यह पहली बार हो रहा है जब CPI सत्तासीन TMC के खिलाफ कई दिग्गज नेताओं के साथ युवाओं को टिकट दे रही है. CPIM के छात्र संगठन SFI के राज्य सचिव सृजन भट्टाचार्य और यूथ विंग DYFI की मिनाक्षी मुखर्जी को भी टिकट दिया गया है.

ममता के खिलाफ मिनाक्षी मुखर्जी उतरेंगी

मिनाक्षी मुखर्जी नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी और शुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी. इस सीट पर कभी लेफ्ट पार्टियों का कब्जा हुआ करता था. बंगाल लेफ्ट फ्रंट और CPIM नेता बिमान बोस ने बुधवार 10 मार्च को छह सीटों के लिए नाम जारी किए. यह वह सीटें हैं, जिनमें लेफ्ट पार्टियां अंतिम के छह चरणों में चुनाव लड़ेंगी. बंगाल में विधानसभ की 294 सीटें हैं. इनमें पहले 60 और दूसरे चरण के चुनाव के लिए वाम उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट पिछले सप्ताह जारी की गई थी.

मौलवी अब्बास सिद्दीकी की पार्टी Indian secular front (ISF) तीसरे मोर्चे के सहयोगी के रूप में चुनाव लड़ेगी. इस संबंध में बोस ने कहा है कि कांग्रेस और ISF अलग-अलग अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करेगी.

पहली बार छात्रसंघ के मौजूदा अध्यक्ष को टिकट दिया गया

SFI के राष्ट्रीय महासचिव का कहना है कि यह पहला मौका है, जब JNU छात्र संघ के किसी मौजूदा अध्यक्ष को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया जा रहा है. हालांकि हम आइषी घोष की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं. क्योंकि जमुरिया कोयला माफियों के लिए स्वर्ग है.

आइषी के ऊपर कई केस दर्ज हैं

आइषी घोष के ऊपर कई मामले दर्ज हैं. जबकि वह खुद घटना की शिकार हो चुकी हैं. उनकी खून से लथपथ फोटो वायरल हुई थी. जब 5 जनवरी 2020 को JNU कैंपस के अंदर हिंसा हुई थी. उसी दौरान 4 मिनट के अंदर दो  FIR दर्ज हुए थे. दोनों FIR में आइषी घोष का नाम दर्ज है. हिंसा के बाद फिल्म स्टार JNU पहुंची थी. तब वह आइषी घोष से मिली थीं.

यह भी पढ़ें- कभी ममता के थे खास, अब बीजेपी का दे रहे साथ, क्या मिथुन चक्रवर्ती साबित होंगे ‘दीदी’ का काल?

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