Thursday, August 5, 2021

नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में बदलने से क्या शिक्षा गरीब परिवारों की पहुंच से दूर हो जाएगी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार जवाहर नवोदय स्कूलों (JNV) को सैनिक स्कूल में बदलने जा रही है. इसका ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2021 में किया था. इसके मुताबिक एनजीओ, प्राइवेट स्कूल और राज्यों की मदद से देश में 100 नए स्कूल खोले जाएंगे.

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मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के भोपाल में 5 नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में बदलने की तैयारी शुरु हो गई. साथ ही छह राज्यों के 10 और नवोदय स्कूलों को सैनिक स्कूल में तबदील किया जाएगा. हालांकि, इसे लेकर सरकार, नवोदय स्कूल और सैनिक स्कूल की ओर से कोई विशेष बयान नहीं आया है. लेकिन मीडिया में खबर आने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया.

मीडिया रिपोर्ट से अनुसार जयपुर के डिप्टी कमिश्नर प्रभारी ने इलाके के सभी नवोदय विद्यालयों को एक चिट्ठी लिखी है. जिसमें कहा गया है कि देश के हर जिले के एक स्कूल को पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (PPP) के तहत सैनिक स्कूलों में बदला जाएगा. इस कदम से नवोदय स्कूल के छात्रों को काफी फायदा होगा. लेकिन विरोध होने के बाद अधिकारियों ने इस आदेश को तुरंत वापस ले लिया.

करीब 100 स्कूल खोले जाएंगे

मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे देश में PPP मॉडल पर करीब 100 सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की गई थी. इस घोषणा के करीब एक महीने बाद कई राज्यों में पायलट आधार पर 25 नवोदय स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है. 2017 में पीएम ऑफिस के द्वारा चलाई गई योजना के अनुसार प्रत्येक जिले में कम से कम एक स्कूल को सैनिक स्कूल के आधार पर चलाया जाए. जिससे छात्रों में नेशंस स्प्रिट, साहस और देशप्रेम जैसी भावना का विकास हो.

सैनिक स्कूल का नाम बदला जाएगा

सरकार की इस योजना के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के अंदर आने वाले सैनिक स्कूलों का नाम बदल दिया जाएगा और उनका नाम राष्ट्रीय सैनिक स्कूल रखा जाएगा. साथ ही इनके तत्वों को शामिल करने वालों को संकल्प ग्रुप ऑफ सैनिक स्कूल कहा जाएगा.

बता दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तीन साल पहले इस मॉडल का सुझाव दिया था मंत्रालय के मुताबिक इस मॉडल के लिए क्लास 6 से 12 तक के लिए जवाहर नवोदय में रेजिडेंशियल स्कूल ही काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

ABVP ने जताया विरोध

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय परिषद (ABPV) ने सरकार की योजना का विरोध किया है. ABVP का कहना है कि केंद्रीय बजट 2021-22 की घोषणा के मुताबिक 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाने चाहिए न कि नवोदय स्कूल को उनमें बदलना चाहिए. हमारी मांग है कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को वापस ले ले.

कांग्रेस ने किया बीजेपी पर हमला

वहीं, इसे लेकर कांग्रेस पार्टी की स्टूडेंट विंग NSUI के जनरल सेक्रेटरी रोशन लाल बिट्टू ने ट्वीट किया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए लिखा, पीएम मोदी को केवल कांग्रेस के कामों का फीता काटने का शौक है. हम नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में बदलने के प्रस्ताव का विरोध करते हैं. ये नवोदय की पहचान मिटाने की साजिश है. केंद्र सरकार शिक्षा बजट में बढ़ोतरी करके नए सैनिक सैनिक स्कूलों को खोले.

इसके अलावा बिहार के पालीगंज विधानसभा सीट से विधायक संदीप सौरभ ने जवाहर #नवोदय विद्यालय को सैनिक स्कूलों में ‘कन्वर्ट’ करने की नीति के विरोध में बिहार विधानसभा में ‘ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ दिया है. उनका दावा है कि भाजपा सरकार ने #बिहार के समस्तीपुर और नालंदा समेत देश के कई नवोदय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है.

बता दें, देश में लगभग 600 नवोदय स्कूल (JNV) हैं. इन स्कूलों में पहले मुफ्त शिक्षा मिलती थी. लेकिन वाजपेयी सरकार के दौरान JNV में सामान्य वर्ग के लिए फीस 200 रुपए प्रति महीने कर दी गई. फिर 2018 में मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए इस फीस को बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति माह कर दिया. बाद में नॉन बीपीएल छात्रों से 600 रुपए प्रति महीने फीस लिया जाने लगा.

सैनिक स्कूलों की फीस JNV की तुलना में काफी अधिक है. इन स्कूलों की फीस करीब 1 लाख 39 हजार रुपए हो सकती है. सैनिक स्कूल में SC,ST ओर OBC के लिए भी फीस बहुत अधिक है. ऐसे में यदि नवोदय को सैनिक स्कूल में बदला गया तो JNV गरीब और सामान्य वर्ग के लोगों की पहुंच से दूर हो जाएगा. वहीं, सैनिक स्कूल में 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया है. जबकि JNV में 33 फीसदी आरक्षण है.

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