Tuesday, August 3, 2021

Toolkit Case: पुलिस का बड़ा खुलासा, गणतंत्र दिवस हिंसा से पहले 6 दिन तक टिकरी बॉर्डर पर था टूलकिट का आरोपी शांतनु मुलुक

किसान आंदोलन से जुड़े ‘टूलकिट’ मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बड़ा खुलासा किया है, इस मामले से जुड़े जिस इंजीनियर शांतनु मुलुक की तालाश दिल्ली पुलिस कर है, वह 20 से 27 जनवरी के बीच दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर किसानों के साथ मौजूद था।

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मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इसकी जानकारी शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा रवि से पूछताछ के बाद दी। दिल्ली पुलिस के अनुसार इस मामले से जुड़े शांतनु मुलुक और निकिता जैकब अभी भी फरार हैं। पुलिस इन दोनों को पकड़ने के लिए छापे मार रही है।

दिल्ली पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, शांतनु 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के समय टिकरी बॉर्डर पर मौजूद था, लेकिन इसके बाद वह वहां से चला गया। दिशा के साथ शांतनु और मुंबई हाईकोर्ट की वकील निकिता जैकब पर भारत की छवि धुमिल करने की मंशा से किसान आंदोलन से जुड़ी टूलकिट बनाने और इसे शेयर करने का आरोप है।

इस मामले के संबंध में निकिता जैकब और शांतनु मुलुक ने मुंबई हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई होगी। निकिता ने मुंबई में याचिका दायर की है वहीं, शांतनु मुलुक ने औरंगाबाद की बेंच में याचिका दायर की है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया, दिशा, निकिता और शांतनु ने गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा से 15 दिन पहले यानी 11 जनवरी को Poetic Justice Foundation की तरफ से आयोजित मीटिंग में हिस्सा लिया था।

टूलकिट में भारत में गृहयुद्ध कराने का था प्लान

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 4 फरवरी को खालिस्तानियों के बनाए गए टूलकिट के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इस टूलकिट में भारत सरकार के खिलाफ Cultural और Economic  युद्ध छेड़ने की बात कही गई थी। पुलिस ने बताया की इसे प्रो-खालिस्तानी संगठन Poetic Justice Foundation ने बनाया है।

 

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