Friday, October 15, 2021

Toolkit case: दिल्ली पुलिस के इस खुलासे से क्या रुक जाएगी दिशा रवि की जमानत याचिका?

किसान आंदोलन की आड़ में साजिश रचने वाले टूलकिट मामले में गिरफ्तार हुई क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि की जमानत याचिका पर शनिवार को दिल्ली पटियाला में सुनवाई चल रही है। अतिरिक्त सत्र के न्यायधीश धर्मेंद्र राणा की कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई कर रही है।

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कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि की जमानत याचिका का विरोध किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह सिर्फ एक टूलकिट नहीं था, इसका असली मकसद भारत की छवि को खराब करना था और देश में अशांति फैलाना था। दिशा रवि ने अपनी WhatsApp चैट डिलीट रखी है, वह कानूनी कर्रवाई से अवगत थी। इससे यह पता चलता है कि टूलकिट के पीछे नापाक मंसूबे थे।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के सामने कहा कि इस मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जिसे हम बंद लिफाफे में दाखिल करना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने सवाल करते हुए दिल्ली पुलिस से कहा, कि आपकी दलील को हम रिकॉर्ड कर लेंगे, लेकिन कैस कल का आदेश आज हमें जमानत याचिका पर सुनवाई करने से रोक सकता है। जज ने कहा कि आप वो दस्तावेज दाखिल करें।

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खालिस्तानी झंडा फहराने पर था इनाम

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि दिशा रवि भारत को बदनाम करने और किसान आंदोलन की आड़ में अशांति फैलाने की वैश्विक साजिश के भारतीय चैप्टर का हिस्सा थी। सिख फॉर जस्टिस, जो एक प्रतिबंधित संगठन है उसने 11 जनवरी को लाल किले और इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को इनाम देने की घोषणा की थी।

सबूत मिटाने की बनाई योजना

दिल्ली पुलिस ने कहा कि किसी तरह यह टूलकिट सोशल मीडिया पर लीक हो गया और सार्वजनिक डोमेन में आ गया था, उसी को हटाने की योजना बनाई गई और प्रदर्शन किया गया। दिशा रवि के वकील ने दिल्ली पुलिस की तरफ से लगाए गए आरोपों का विरोध करते हुए कहा, क्या वह सामग्री अब भी वहां मौजूद है, तो दिल्ली पुलिस ने कहा जो सामग्री सील बंद लिफाफे में है वह वेबसाइट पर नहीं है।

कनाडा से ऑपरेट हो रहे संगठन

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के सामने कहा कि ये संगठन कनाडा से ऑपरेट किए जा रहे थे। यह संगठन चाहता था कि कोई व्यक्ति लाल किला और इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फैलाए। वे किसान आंदोलन के समर्थन की आड़ में ऐसी गतिविधियों को अंजाम देना चाहते थे। यही कारण है कि Poetic justice foundation शामिल है।

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वैंकूवर अहम स्थान

खालिस्तान के संबंध में दिल्ली पुलिस ने कहा कि भारत विरोधी गतिविधियों में वैंकूवर एक अहम स्थान है, जो खालिस्तानी गतिविधियों से जुड़ा है। एक किसान एकता कंपनी नाम का संगठन है जो वैंकूवर में स्थित एक अन्य  कंपनी के संपर्क में हैं। कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसीटर ने एस. वी. राजू ने पूछा कि 26 जनवरी की हिंसा का टूलकिट से क्या संबंध है? इस मामले में क्या सबूत जुटाए हैं। तो दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और हमें सबूत जुटाने है।

 

 

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