Wednesday, August 4, 2021

कभी ममता के थे खास, अब बीजेपी का दे रहे साथ, क्या मिथुन चक्रवर्ती साबित होंगे ‘दीदी’ का काल?

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2021 को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) आमने सामने हैं. चुनाव प्रचार के लिए दोनों पार्टियों ने सेलिब्रिटी का सियासी खेल चालू कर दिया है. TMC के साथ-साथ बीजेपी भी अपनी पार्टी में सेलिब्रिटीज को शामिल कर रही है. इसी बीच कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी में मिथुन च्रकवर्ती शामिल होने वाले हैं.

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यह कयास लगना ही था, क्योंकि मिथुन चक्रवर्ती शनिवार रात को पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रभारी कैलाश विजयवर्गी से मिलने गए थे. कल रात हुई इस मुलाकात के बाद कयासों पर विराम लगा. इस संबंध में विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, अभी देर रात कोलकाता के बेलगाचिया में सिनेमा जगत के माशूर अभिनेता मिथुन दाँ के साथ लम्बी चर्चा हुई । उनकी राष्ट्र भक्ति और ग़रीबों के प्रति प्रेम की कहानियाँ सुनकर मन गद-गद हो गया।

यह तस्वीर आज पीएम मोदी की कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड पर आयोजित मेगा रैली में और साफ हो गई. इस रैली में मिथुन चक्रवर्ती भी शामिल हुए. मंच पर पीएम मोदी के पहुंचने से पहले मिथुन चक्रवर्ती ने बीजेपी की सदस्यता ली और पार्टी का झंड़ा फहराया.

कभी थे ममता के खास

मिथुन चक्रवर्ती का राजनीति की तरफ रुझान छात्र जीवन से ही रहा है. वे सिर्फ वामपंथ विचारधारा के कायल नहीं थे बल्कि उससे पांच कदम आगे उन पर नक्सलबाड़ी का काफी प्रभाव रहा है. शुरूआत में मिथुन कांग्रेस के स्टूडेंट विंग से जुड़े थे. लेकिन बाद में वह लेफ्ट की राजनीति से जुड़ गए. फिर नक्सलवादी गुटों से जुड़ गए.

मिथुन चक्रवर्ती के भाई की जब मौत हो गई तो उनका नक्सलवादी से मोह भंग हो गया. उन्होंने इससे हर तरीके का रिश्ता तोड़ लिया. यह सब इतना आसान नहीं था. इसलिए वह यह सब छोड़कर मुंबई चले गए और अदाकारी में महारत हासिल कर लोगों के सामने आए.

कई सालों के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने राजनीति में वापसी की. इस बार वह TMC के बेहद करीब नजर आए. ममता बनर्जी ने बंगाली एक्टर मिथुन चक्रवर्ती को राज्यसभा भेज दिया. उन्होंने ममता बनर्जी के लिए कई चुनावी रैलियां भी की. उस समय वह देश के सबसे बड़े टैक्स पेयर के रूप में सुर्खियां बटोर रहे थे. लेकिन शारदा घोटाला आने के बाद वह कई एजेंसियों की नजर में आ गए. यहां तक उन्हें ED ( प्रवर्तन निदेशालय) के अफसरों के सामने पेश होना पड़ा. इसके बाद मिथुन ने TMC को छोड़ दिया.

mithun and mamata

बन सकते हैं ममता का काल

विधानसभा चुनाव में मिथुन चक्रवर्ती ममता के खिलाफ एक क्रेडिबल आवाज बन सकते हैं. वह एक ऐसी आवाज हैं जिसे पूरा बंगाल सुनता है और जो लोगों पर प्रभाव डालता है. बीजेपी मिथुन को सीएम के फेस के तौर पर तो नहीं बल्कि एक स्टार प्रचारक के रूप में ममता के खिलाफ इस्तेमाल कर सकती है. उम्मीद जताई जा रही है,कि मिथुन चक्रवर्ती पीएम मोदी, अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आसोल पोरिबोर्तन के संदेश को बंगाली लोगों क बीच गहराई से पहुंचा सकते हैं.

mithun mamata

 

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