बीजेपी नेता दिलीप घोष ने की ममता बनर्जी पर अभद्र टिप्पणी

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dilip ghosh

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी गहमागहमी चल रही है. हर पार्टी के नेता जनता के बीच अपने नंबर बढ़ाने में लगे हुए हैं. अलग-अलग मुद्दे उठाकर एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. इस बीच बंगाल के बीजेपी चीफ दिलीप ने आपत्तिजनक बयान दे दिया.

कुछ दिन पहले ऐसा ही बयान तीरथ सिंह रावत ने दिया था, जिसकी खूब चर्चा हुई. ये देखकर उनको लगा होगा कि औरतों पर, खासकर उनके पहनावे को लेकर टिप्पणी करना कूल है. तो उन्होंने ममता बनर्जी के कपड़ों को लेकर अभद्र टिप्पणी की.

23 मार्च को पुरुलिया में चुनावी रैली के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि प्लास्टर कट गया और क्रैप बैंडेज लग गया. अब वह सबको अपना पैर दिखा रही हैं. वो हमेशा साड़ी पहनती हैं. जिसमें उनका एक पैर ढका हुआ होता है और एक पैर दिखाने के खुला होता है. मैंने किसी को ऐसे साड़ी पहने हुए नहीं देखा है. अगर उनकी अपने पैर ही दिखाने है तो उनको बरमूडा शॉर्ट्स पहन लेने चाहिए. ताकि सबको उनके पैर सही से दिखाई दें.

बता दें, ममता बनर्जी को चोट लगी हुई है. जिसके कारण वह ठीक से चल नहीं पा रही हैं. व्हील चेयर पर बैठे-बैठे वह चुनाव प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं. लेकिन दिलीप घोष की पॉलिटिक्स, ममता सरकार की काम की आलोचना के बजाए उनके कपड़ो पर टिप्पणी करना ज्यादा बेहतर समझती है.

बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने का दावा करने वाली पार्टी के सबसे बड़े नेता मुख्यमंत्री के कपड़ो पर चर्चा कर रहे हैं. चर्चा किया जा रहा है कि उन्हें साड़ी पहननी चाहिए या कुछ और. एक औरत के कपड़ों पर भद्दे कमेंट किए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि उन्होंने एक पैर प्रदर्शनी में लगा रखा है. उनको बरमूडा पहनने की सलाह दी गई और साथ ही कहा कि इससे अच्छा व्यू मिलेगा.

तीरथ सिंह रावत को बदन दिखता है, दिलीप घोष कहते हैं कि पैर डिस्प्ले पर लगा रखा है. अगर इन दोनों की बातों में अंतर किया जाए तो कोई अंतर नही मिलेगा. क्योंकि इन दोनों बातों के पीछे एक ही मानसिकता है और वो है तुच्छ और गिरी हुई.

अब ममता बनर्जी चाहे साड़ी पहनें, वो चाहे तो बरमूडा पहना या फिर स्कर्ट. लेकिन इसमें उनकी पसंद होनी चाहिए न कि किसी के घटिया सुझाव से.

टीएमसी ने दिलीप घोष के इस बयान का विरोध किया और कहा कि, एक महिला मुख्यमंत्री पर दिलीप घोष के निंदनीय बयान से साबित होता है कि बीजेपी में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है.

इसे लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी लिखा कि पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष एक पब्लिक रैली में कहते हैं कि ममता बनर्जी साड़ी क्यों पहनती हैं उन्हें बरमूडा पहनना चाहिए, ताकि उनके पैर बेहतर दिखे. ऐसी तुच्छ और भ्रष्ट सोच रखने वाले लोग सोचते हैं कि वे बंगाल चुनाव जीतेंगे.

इस बयान को लेकर पब्लिक ने भी दिलीप घोष की आलोचना की. ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा कि जब इनको समझ आ जाता है कि वे विपक्ष के तौर पर जनता को भरोसे में नहीं ले पा रहे हैं. जब इनको कम्यूनल पॉलिटिक्स नहीं चल पाती है तो ये लोग स्त्री विरोध का सहारा लेते हैं.

लोगों ने तीरथ सिंह और दिलीप घोष के मामले में महिला एवम् बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए. इसे लेकर एक यूजर ने लिखा, अगर ये बात राहुल गांधी ने की होती तो अब तक स्मृति ईरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुकी होती. लेकिन अब बीजेपी के नेताओं ने बोला है तो वह एकदम चुप हैं.

जहां पर सरकार के कामों की आलोचना करनी चाहिए. वहां पर महिलाओं के कपड़ों को लेकर बेफिजुल की डिबेट शुरू कर दी जाती है. समझ में नहीं आता है कि इन नेताओं को महिलाओं के कपड़ों पर टिप्पणी करने से कौन-सा आनंद मिलता है?

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