Friday, October 15, 2021

पुलिस क्यों कर रही ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुशील कुमार की तलाश?

ओलंपिक में दो बार गोल्ड मेडल जीतने वाले रेसलर सुशील कुमार के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया. मिली जानकारी के मुताबिक उनके ऊपर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हुई झड़प में शामिल होने का आरोप है. जिसमें एक 23 साल के पूर्व जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन की मौत हो गई है.

आखिर पूरा मामला है क्या?
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दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके के छत्रसाल स्टेडियम में 4 मई को पहलवानों के दो गुटों के बीच झड़प हुई. पुलिस के अनुसार, यह घटना रात को 1.15 से 1.30 के बीच स्टेडियम के पार्किंग एरिया में घटी. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. वहां पर उन्हें 5 गाडियां खड़ी मिली. झड़प में सागर धनखड़, सोनू महल और अमित कुमार के साथ दो अन्य पहलवान घायल हुए.

पुलिस ने घायल पहलवानों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान सागर की मौत हो गई. सागर पूर्व जूनियर नेशनल चैंपियन था और वह हेड कांस्टेबल का बेटा था. वहीं सोनू महाल गैंगस्टर काला जत्थेदी का साथी है. उसे पहले भी एक हत्या और लूट के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है.

क्या थी झड़प की वजह?

कहा जा रहा है कि सुशील कुमार सागर और उसके दोस्त पर घर खाली करने के लिए दबाव बना रहे थे. जिसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया. इसके अलावा झगड़े की वजह टशन भी बताई जा रही है.

सुशील और उनके परिवार का क्या है कहना?

फरार होने से पहले सुशील कुमार ने अपनी सफाई दी थी. उन्होंने कहा था कि वे हमारे साथी पहलवान नहीं थे. हमने पुलिस अधिकारियों को इस बात की सूचना दी थी कि कुछ लोग हमारे परिसर में आकर झगड़ा कर रहे हैं. इस घटना के साथ हमारे स्टेडियम का कोई लेना देना नहीं है.

वहीं, सुशील कुमार के गायब होने के बाद उनके परिवार का कहना है कि इस मामले के सुशील कुमार नाम गलत तरीके से घसीटा जा रहा है. वह भगोड़ा नहीं है, जल्द ही सबके सामने आएगा. इस समय वह कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं. उनकी पहली कोशिश गिरफ्तारी से बचने की है.

इस मामले में पुलिस जांच कहां तक पहुंची?

घटनास्थल पर पुलिस को पांच गाड़ियों के साथ लोडेड डबल बैरल गन और 3 जिंदा कारतूस मिली. पुलिस ने सुशील के साथी प्रिंस दलाल के साथ दो पहलवानों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की. पूछताछ करने के बाद पुलिस ने प्रिंस दलाल को गिरफ्तार कर लिया.

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली एनसीआर और उसके पड़ोसी राज्यों में छापेमारी की लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली. हालांकि, पुलिस ने सुशील कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है.

इस मामले के बारे में पुलिस ने सुशील के ससुर और उनके परिचितों से भी पूछताछ की. इसके अलावा इस मामले में पुलिस ने स्टेडियम के कर्मचारियों से पूछताछ की. जिनमें से अधिकतर ने सुशील कुमार के खिलाफ बयान दिए.

सागर के परिवार ने सुशील पर क्या लगाए आरोप?

इस झड़प में सागर की मौत हो गई है. इस मामले में उनके परिवार का कहना है कि मारपीट के वक्त सुशील कुमार वहां पर मौजूद थे. गुप्त सूत्रों के मुताबिक पीड़ितों को जबरदस्ती स्टेडियम में ले जाया गया. वहां पर पार्किंग एरिया में उनके साथ मारपीट की गई. आरोप है कि घटना के दौरान सुशील कुमार वहां पर मौजूद थे. हालांकि, पुलिस इसकी जांच कर रही है.

क्या यह सुशील से जुड़ा पहला विवाद है?

जी नहीं, यह सुशील से जुड़ा पहला विवाद नहीं है. इससे पहले दिसंबर 2017 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स ट्रायल में सुशील कुमार और रेसलर प्रवीण राणा के बीच मारपीट हुई थी. प्रवीण राणा ने सुशील पर मारपीट का आरोप लगाया था. सुशील के समर्थकों ने भी प्रवीण के साथ मारपीट की थी. जिसके बाद सुशील और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था.

सुशील कुमार के करियर पर क्या पड़ेगा असर?

इस विवाद दौरान सुशील कुमार को कुश्ती संघ के कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर निकाल दिया गया है. हालांकि संघ के इस फैसले का संबंध सुशील कुमार से जुड़े विवाद से नहीं है. क्योंकि सुशील कुमार ने 2019 विश्व चैंपियनशिप के बाद से किसी भी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भाग नहीं लिया था. लंबे समय तक इंटरनेशनल और नेशनल इवेंट से दूर रहने के कारण कुश्ती संघ ने उन्हें कॉन्ट्रैक्ट से बाहर निकल दिया.

इस मामले के बारे में भारतीय कुश्ती संघ के एसिटेंट सेक्रेटरी विनोद सिंह तोमर ने कहा, खिलाड़ी मैट ने बाहर क्या करते है इससे कुश्ती संघ का कोई लेना देना नहीं है. लेकिन सुशील कुमार के इस विवाद से कुश्ती जगत की छवि खराब हुई है.

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