Thursday, August 5, 2021

यूपी के ऐतिहासिक मेले पर लगा कोरोना का ग्रहण, प्रशासन ने कहा- लोगों की सुरक्षा पहले

मेरठ। हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक नौचंडी मेला इस साल नहीं लगेगा. क्योंकि इस बार मेले पर कोरोना का ग्रहण लग गया है. मेरठ के डीएम (District Magistrate) के बालाजी ने फैसला लिया है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस साल नौचंडी मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा. यह फैसला बचत भवन सभागार में हुई बैठक के दौरान लिया गया.

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सभागार की इस बैठक में नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी मेरठ, अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर और पुलिस अधीक्षक ने भाग लिया था. डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के बालाजी ने बताया कि मेरठ में कोरोना वायरस तेज़ी से पसार रहा है. इसलिए इस साल नौचंडी मेला नहीं लगाने का फैसला किया गया है.

मीडिया से बात करते हुए डीएम के बालाजी ने बताया कि मेरठ में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. ऐसे में मेले का आयोजन करना सही नहीं है. अगर मेले का आयोजन किया गया तो लोगों की भीड़. जिससे शहर में कोविड के मामलों में बढ़ोत्तरी होगी. इसलिए लोगों की सेहत का ख्याल रखते हुए हमने यह फैसला लिया है. कोरोनाकाल में भीड़ का जुटना सही नहीं है.

विश्वभर में प्रसिद्ध है यह मेला

नौचंडी मेले का शुभारंभ होली के बाद दूसरे रविवार को होता है. यह मेला देश विदेश तक अपनी पहचान रखता है. इस मेले की सबसे खास बात यह कि जो इसका शुभारंभ करता है वह इसका समापन नहीं करता है. वहीं, यह मेला सांप्रदायिक एकता की मिसाल है. इस मेले में जहां एक तरफ सैकड़ों साल पुराने देवी के मंदिर में आरती होती है. वहीं, दूसरी ओर बाले मियां की मजार पर कव्वाली होती है. पिछले साल कोविड के कारण यह मेला भी लग पाया था. इस साल भी मेला नहीं लग पाने के कारण लोगों में काफी निराशा है.

बता दें, मेरठ में बीते 24 घंटे में कोरोना के 64 नए मामले सामने आए हैं. शहर में अब तक कुल 21883 कोरोना से संक्रमित मरीज हैं. यहां पर कोरोना से मारने वालों की संख्या 410 है. वहीं, कोरोना से जंग जीतने वालों की संख्या 21088 है.

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