Saturday, October 16, 2021

बांग्लादेश में पीएम मोदी के खिलाफ लगे ‘गो बैक किलर मोदी’ के नारे

वर्ल्ड न्यूज। 26 मार्च को बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की राजधानी ढाका जाने वाले हैं. ऐसे में खबर मिली है कि 19 मार्च, 2021 को वहां के लोग और कुछ छात्र कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के इस दौरे के विरोध में प्रदर्शन मार्च निकाला है.

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यह मार्च जुमा की नाम के बाद बैतुल मौकर्रम मस्जिद के बाहर निकाला गया है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें आप देख सकते हैं कि सैकड़ों की तादाद में लोग सड़क पर इकट्ठा होकर भारत और प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में नारे लगा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों के हाथ में चप्पल है और ये मांग कर रहे हैं कि पीएम मोदी के ढाका दौरे को रद्द किया जाए.

लगे गो बैक किलर मोदी के नारे

वहीं, छात्र कार्यकर्ताओं ने ढाका यूनिवर्सिटी के कैंपस के बाहर प्रदर्शन किया. इनके हाथ में बैनर था. जिसमें लिखा था, गो बैक मोदी, गो बौक इंडिया, गो बैक किलर मोदी. इन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी हिन्दू नेशनलिस्ट पार्टी मुस्लिमों पर अत्याचार कर रही है. साथ ही ये भी इल्जाम लगाया है कि भारतीय सीमा पर बांग्लादेशियों को मारा जा रहा है. जबकि सच्चाई यह है कि भारतीय सीमा पर सिर्फ उन लोगों पर गोली चलती है जो तस्करी या घुसपैठ करते हुए पकड़े जाते हैं.

बंगाल बनेगा अफगानिस्तान: प्रदर्शनकारी

भारत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी में से एक मोहम्मद अनवर का कहना है कि भारत के अधीन हसीना सरकार ने मोदी को बुलाया है. इसका विरोध करने के लिए हम यहां आए हैं. वहीं, बांग्लादेशी हिन्दू कार्यकर्ता राजू दास के द्वारा शेयर की गई वीडियो में एक शख्स कह रहा है कि अगर नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश में आने को कहा गया है तो हम आतंकी बन जाएंगे. बंगाल बनेगा अफगानिस्तान और हम बनेंगे तालिबान.

पीएम मोदी को बताया आतंकी

उसने कहा, हम ओसामा बिन लादेन की हुंकार के साथ उठेंगे. हम हर बाधा को पार कर लेंगे. हम रसूल के फौजी हैं, बम और बुलेट्स से नहीं डरते हैं. बस याद रहे अल्लाह तुम्हारे साथ हैं. हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस्लाम, कुरान और देश के लिए हम लड़ेंगे. इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी को आतंकी बताया और तिरंगे पर क्रॉस का निशान लगाया.

ठीक ऐसा ही प्रदर्शन पिछले साल फरवरी में दिल्ली दंगों को लेकर भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था. इसमें सैकड़ों की संख्या में लोग बैतुल मोकर्रम मस्जिद के बाहर एकत्र हुए थे और रैली में जोर-जोर से पीएम मोदी के विरोध में नारेबाजी की था. तब प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हसीना सरकार पीएम मोदी को शेख मुजीबर रहमान की 100वें जन्मदिवस पर न बुलाए. उनका मानना था कि ये आमंत्रण 1971 में हुए युद्ध का अपमान है. उस वक्त मार्च का आयोजन 6 मुस्लिम राजनीतिक समूहों ने किया था.

यह भी पढ़ें- स्विटजरलैंड में बुर्का बैन करने की तैयारी शुरू, 51 फीसदी लोगों ने बैन करने के पक्ष में डाले थे वोट

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