Wednesday, August 4, 2021

चीन की संसदीय बैठक आज से शुरू, भारत और हॉन्कॉन्ग रहेंगे चर्चा का विषय

वर्ल्ड न्यूज डेस्क। चीन की संसद की सालाना बैठक आज से शुरू होने वाली है. इस बैठक में दो तरह की मीटिंग होती है. पहली नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) और दूसरी चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कान्फ्रेंस (CPPCC) की. इसमें देशभर के 5 हजार से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे. इन बैठकों में चीन अपनी आगे की योजनाएं और लक्ष्य का निर्धारण करता है. यह बैठक एक हफ्ते तक चलेगी.

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इस बैठक में चीन 2021 के लिए लक्ष्य तय करने वाला है. इसके अलावा आर्थिक विकास की पंचवर्षीय योजनाओं को मंजूरी दे सकता है. इसमें पिछले साल भारतीय सेना के साथ सीमा पर हुए तनाव को लेकर चर्चा हो सकती है. बताया जा रहा है कि इस बैठक में आगे की तैयारियों के लिए अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं.

NPC में भारतीय सीमा के आस-पास के इलाकों में एडवान्स ड्रोन्स की तैनाती के प्रस्ताव पर चर्चा की जा सकती है. यह चर्चा पिछले साल LAC ( वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर भारतीय और चीनी के बीच तनाव को देखते हुए बेहद अहम है. बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव चीनी सेना ( People Liberation Army) के प्रतिनिधि ने पेश किया है.

तिब्बती मिलिट्री कमांड में बॉर्डर डिफेंस रेजिमेंट के कमांडर हाउ यून ने सरकारी मीडिया को बताया कि वे प्रस्ताव को दे रहे हैं. चीन को अपनी सीमा पर सिक्योरिटी को बढ़ाना चाहिए और ड्रोन्स जैसे स्मार्ट उपकरणों की तैनाती करनी चाहिए. मिलिट्री में इस तरह के उपकरणों के इस्तेमाल करने के बाद रिसर्च और अनुभव बताते हैं कि सुधार की गुंजाइश की जा सकती है.

NPC में चीन की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी कई मेजर पॉलिसीज और पर्सनल चेंज को लेकर ऐलान कर सकती है. इस मीटिंग में पिछले साल हॉन्गकॉन्ग मे राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए मैकेनिजम प्लान से जुड़े बिल को पास करने का ऐलान किया था. कभी-कभी कुछ प्रतिनिधि पार्टी लाइन से बाहर जाकर भ्रष्टाचार और अपराधों पर गुस्सा जाहिर करते हैं. बता दें, ये रबर स्टैंप पार्लियामेंट की तरह है. यहां पर कम्यूनिस्ट पार्टी फैसलों पर मोहर लगाती है.

चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कान्फ्रेंस सेरेमोनियल एडवाइजरी बॉडी है, इसकी बैठकें साथ-साथ चलती हैं. इन दोनों कार्यक्रमों में कुल 5 हजार प्रतिनिधि भाग लेते हैं. कोरोना की वजह से इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं. NPC में 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को चुना जाता है. इसके लिए चुनाव होते हैं. यह चुनाव निचले स्तर के निकायों में वोट्स के जरिए होते है. अधिकतर प्रतिनिधि स्थानीय स्तर के अधिकारियों के द्वारा चुने जाते हैं.

क्या है बैठक के एजेंडे में?

  • एजेंडा में चीन और उसके राज्यों के लिए बजट, देश की अर्थव्यवस्था और 14वें फाइव ईयर प्लान पर चर्चा की जाएगी. चीन के 2021 से 2025 तक आर्थिक और सामाजिक विकास के ब्लूप्रिंट को सार्वजनिक किया जाएगा. इस बार विजन ज्यादा ग्रीनरी, ज्यादा इनोवेटिव इकोनॉमी पर होगा. जिसमें बाहरी दुनिया पर निर्भरता कम से कम होगा.
  • इसमे ग्रोथ, पर्यावरण संरक्षण, टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट और लिविंग स्टैंडर्ड का टारगेट रखा जाएगा. इसके सटीक प्लान बाद जारी किए जाएंगे. पूरी अवधि के लिए ग्रोथ रेट का टारगेट 5% रखा जाएगा. रॉयटर्स ने पहले रिपोर्ट में बता दिया कि इससे पहले के पांच सालों में औसत ग्रोथ टारगेट 6.5% की रही है.
  • हॉन्गकॉन्ग में चुनाव प्रक्रिया को बदलने का ऐलान का हो सकता है. ऐसा करके चीन वहां पर अपने नियंत्रण को और मजबूत करेगा. एजेंडा में एक और मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. वो है चीन के बर्थ पॉलिसी. दशकों के बाद चीन में एक बच्चे की जगह दो बच्चे करने की छूट दी जा सकती है. चीन की अधिकतर आबादी बूढ़ी हो चुकी है और जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं.
  • सरकार घरेलू उत्पाद और आत्मनिर्भरता के प्लान पर चर्चा कर सकती है. यह प्रेसिडेंज शी जिनपिंग के डुअल सर्कुलेशन का स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर जोर दिया जा सकता है. इसके लिए शी जिनपिंग ने 2060 तक चीन को कार्बन न्यूट्रल बनाने का टारगेट रखा है.

यह भी पढ़ें- कोरोना के लिए चीन ऐसी जगह से सैंपल ले रहा है जिसे जानकर हर किसी को गुस्सा आएगा

 

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