Wednesday, August 4, 2021

अरबी पढ़ने पर लगाया बैन, तोड़े कई इस्लामिक गुंबद, जानें कैसे उइगर के बाद उत्सुल मुस्लिमों को बर्बाद कर रहा ड्रैगन

चीन अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार का उल्लंघन करने के लिए जाना जाता है। वह कई सालों से मुस्लिमों पर अत्याचार कर रहा है। पहले उइगर मुस्लिमों पर कहर बरपाया, अब चीन हैनान प्रांत के सान्या में रहने वाले अल्पसंख्यक उत्सुल मुस्लिमों पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रहा है। इससे मालूम चलता है कि चीन अल्पसंख्यंकों को खत्म करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।

- Advertisement -

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का नया टारगेट दस हजार अबादी वाले उत्सुल मुस्लिम हैं। चीन ने उनके मस्जिद से लाउडस्पीकर हटवा दिया है, उनके बच्चों को अरबी पढ़ने से रोक रहा है। NYT के रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने कई नीतियों में उलटफेर करके उनपर प्रतिबंध लगाया है।

इस्लामिक पहचान को खत्म कर रहा ड्रैगन

वहां पर रहने वाले धार्मिक नेताओं और निवासियों ने पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि कुछ साल पहले तक, अधिकारी उत्सुल समुदाय की इस्लामी पहचान और मुस्लिम देशों के साथ उनके संबंध का संमर्थन करता था। अब उनकी परेशानियां बता रही हैं कि उनको खत्म करने के लिए ड्रैगन मुहिम चला रहा है।

यह भी पढ़ें- रिहाना ने भगवान गणेश का पेंडेंट पहनकर खिचाया टॉपलेस फोटो, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

हिंसा को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंध

इस बारे में सीपीसी का दावा है कि इस्लाम और मुस्लिमों पर प्रतिबंध हिंसक चरमपंथ को रोकने के लिए लगाए गए हैं। बीजिंग अधिकारियों ने यह तर्क शिनजियांग में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को सही ठहराने के लिए दिया है।

स्थानीय मुस्लिमों को खिलाफ कैंपेन चला रही चीनी सरकार

चीन में इस्लाम पर अध्ययन करने वाले फ्रॉस्टबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मा हायुन ने बताया कि उत्सुल मुस्लिमों पर नियंत्रण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा स्थानीय लोगों के खिलाफ कैंपेन है। हालांकि, चीनी सरकार उस पर लगने वाले इस्लाम विरोधी आरोपों को नकारती रही है। लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके नेताओं के नेतृत्व में पार्टी ने कई मस्जिदों को तोड़ दिया है। इसके अलावा पार्टी के द्वारा उत्तर-पश्चिम में स्थित कई इस्लामिक गुबंदो को ध्वस्त कर दिया है।

उइगर मुस्लिम का मुद्दा फिर सामने आया

उत्सुल मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार ने एक बार फिर से उइगर मुस्लिमों के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। चीन में इनकी आबादी एक करोड़ से अधिक है और इन्हें बड़ी संख्या में डिटेंशन कैंप में जबरदस्ती रखा गया है और कई तरीके से इन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

135FansLike

Latest Articles