Saturday, October 16, 2021

बांग्लादेश में हजारों की संख्या में मुस्लिम भीड़ ने हिंदू गांव पर हमला किया

वर्ल्ड न्यूज डेस्क। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में 17 मार्च 2021 को हजारों की मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू गांव पर हमला कर दिया. यह हमला इस्लामी संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम के बैनर तले भीड़ ने किया है. यह घटना सुनामगंज जिल के शल्ला उपजिला में हुई है.

- Advertisement -

दरअसल, नवगांव के एक हिंदू युवक ने हिफाजत-ए-इस्लाम के ज्वाइंट सेक्रेटरी जनरल मौलाना मुफ्ती मामुनुल की आलोचना कर दी थी. मौलाना ने बंगबंधु मुजीबुर रहमान की मूर्ति लगाने का विरोध किया था. जिसके बाद उस युवक ने मौलाना के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा. जैसी ही पोस्ट वायरल हुई, हजारों की मुस्लिम भीड़ धारदार हथियारों के साथ हिंदू गांव पहुंच गई.

इस मामले को लेकर हिफजत-ए-इस्लाम के नेता लोगों को भड़काने लगे और विरोध प्रदर्शन करने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया की यह पोस्ट सांप्रदायिक शांति को भंग कर सकती है. इस्लामी भीड़ के दबाव में आकर पुलिस ने हिंदू युवक को गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन काशीपुर, चंड़ी और नाचीपुर के हजारों मुस्लिम उग्र होकर निकल पड़े.

इसके बाद बुधवार सुबह 9 बजे हिंदुओं के घरों पर हमला कर दिया. इस हमले में 80 से अधिक हिंदुओं का घर तहस-नहस कर दिया गया. इसके बारे में हबीबपुर यूनियन चेयरमैन विवेकानंद मजूमदार बकुल ने बताया कि हिंदुओं के घरों को क्षतिग्रस्त किया गया है.

उग्र मुस्लिम भीड़ से बचने के लिए हिन्दू वहां से भाग गए. बांग्लादेश के हिंदू एक्टिविस्ट राजू दास ने बताया, हमले में करीब 88 घरों व 8 पारिवारिक मंदिरों ध्वस्त कर दिया गया. इस दौरान न सिर्फ घरों को ध्वस्त किया गया बल्कि अंदर रखे समान को भी लूटा गया.

इस मामले के संबंध में शल्ला पुलिस थाने के इंचार्ज नजमुल हक ने बताया कि मौके पर पुलिस के साथ-साथ RAB ( रैपिड एक्शन बटालियन) को लगाया गयाय दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से बात की गई और मामले को नियंत्रित किया गया. वहीं, अधिकारियों ने बताया है कि हिन्दू युवक को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है.

हिफजत-ए-इस्लाम कई मौलवियों का संगठन है. इसकी स्थापना 2010 में सत्ताधारी आवाम लीग से कथित तौर से बांग्लादेश को बचाने के लिए हुई थी. बांग्लादेश की सरकार ने महिलाओं को समान अधिकार देने का फैसला दिया था. हिफजत-ए-इस्लाम ने इस फैसले को इस्लाम विरोधी कहा और मुल्क सेक्युलर बनने से रोकने कसम खाई.

बता दें, बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या और मंदिरों पर कोई नई बात नहीं है. यहां पर आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. साल 2020 में बांग्लादेश में काली माता मंदिर हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित किया गया था.

यह भी पढ़ें- एक शख्स ने सोमनाथ मंदिर पर वीडियो बनाकर किया इस्लामी आक्रांता महमूद गजनवी का गुणगान

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

135FansLike

Latest Articles