Saturday, October 16, 2021

भारत में बत्तीगुल करने की फिराक में था चीन, इसे लेकर केंद्र सरकार ने कही ये बड़ी बात

वर्ल्ड न्यूज़ डेस्क। अमेरिका में साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक कंपनी है. इसका नाम रिकॉर्डेड फ्यूचर ( Recorded Future) है. यह कंपनी सरकारी कंपनियों के द्वारा इंटरनेट के इस्तेमाल का अध्ययन करती है. हालिया में इस कंपनी ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि चीनी सरकार के कुछ हैकर्स ने मालवेयर के जरिए भारत के पॉवरग्रिड सिस्टम को अपना निशाना बनाया है.

- Advertisement -

कंपनी को शक है कि मुंबई में पिछले साल हुए ब्लैकआउट के पीछे शायद चीन है. न्यूयार्क टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, रिकॉर्डेड फ्यूचर ने दावा किया है कि चीनी हैकर्स के ग्रुप ( RedEcho) ने शैडोपैड नाम के एक मालवेयर के जरिए भारत के पॉवर सेक्टर से जुड़े लगभग 10 संस्थानों पर हमला किया है. कंपनी ने कहा है कि उसने रिपोर्ट्स को प्रकाशित करने से पहले भारत सरकार के कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पान्स टीम को भेजे थे.

सरकार को मिली थी जानकारी

रिकॉर्डेड फ्यूचर की इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि उन्हें भारतीय एजेंसियों के जरिए इसकी जानकारी मिली थी. शैडोपैड मालवेयर के बारे में पिछले साल नवंबर और दोबारा इस साल फरवरी में बताया गया था. इससे निपटने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाए गए थे. इन हमलों से डेटा चोरी नहीं हुए हैं और कोई नुकसान भी नहीं हुआ है.

मुंबई ब्लैकआउट को जोड़ा साइबर हमले से

इस कंपनी ने मुंबई में हुए बत्तीगुल को साइबर हमले से जोड़ा है, लेकिन उनके पास कोई फॉरेंसिक सबूत नहीं है. इसे लेकर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को कहा, मुंबई पुलिस ने पॉवर कट के पीछे साइबर हमले की आशंका जताई थी. शायद 14 ट्रोजन हार्स को महाराष्ट्र स्टेट बिजली बोर्ड के सिस्टम में डाला गया था. इस हमले में करीब 8 जीबी डेटा संदिग्ध सर्वर से ट्रांसफर किया गया. हालांकि अनिल देशमुख ने मालवेयर की डिटेल्स और अटैकर की पहचान नहीं बताई.

साइबर सेल की रिपोर्ट का इंतजार

इस संबंध में महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत का कहना है कि राज्य सरकार , महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने मुंबई में पॉवर कट होने की घटना को लेकर अलग-अलग समितियां बनाई थी. जांच के बाद हमें इसकी रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मिलने के बाद हमने साइबर सेल में शिकायत दर्ज की. अब हमें उनकी रिपोर्ट का इंतजार है. पर मेरे पास जो सूचना है, उससे पता चलता है कि यह एक साइबर हमला था और यह बेहद खतरनाक था.

चीन ने आरोपों को किया खारिज

रिकॉर्डेड फ्यूचर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के दौरान पॉवरग्रिड सिस्टम को निशाना बनाया गया था. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कथित तौर से भारत प्रोयजित समूह साइडविंडर ने 2020 में चीन की सेना और सरकारी एजेंसियों को निशाना बनाया था. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने सोमवार को इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, बिना किसी के सबूत के ऐसे आरोप लगाना बेहद गैर-जिम्मेदारा है.

क्या होता है मालवेयर

मालवेयर का फुलफॉर्म Malicious Software होता है. यह सॉफ्टवेयर का छोटा फाइल होता है. जो आपके कंप्यूटर सिस्टम में बिना इजाजत के घुस जाता है. इसका उद्देश्य कंप्यूटर को स्लो बनाना और उसमें स्थित डेटा में सेंध लगाना होता है.

यह भी पढ़ें- चीन के भारत के पॉवर ग्रिड पर हमला करने से अमेरिका हुआ नाराज, कहा- मनमानी नहीं करने देंगे

यह भी पढ़ें- POK के टीचर ने दी इमरान सरकार को धमकी, कहा- वेतन बढ़ाओ नहीं तो चुनाव भूल जाओ

- Advertisement -

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

135FansLike

Latest Articles