Wednesday, August 4, 2021

कुंभ मेला: प्राण जाए पर आस्था की डुबकी लगाने से चूक न पाए

देश में कोरोना की दूसरी लहर तबाही मचा रही है. आए दिन रिकॉर्ड तोड़ते हुए कोविड के नए मामले सामने आ रहे हैं. संक्रमितों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है. कई राज्यों से वैक्सीन की कमी की भी खबरें आ रही हैं. साथ ही कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है.

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हालात इतने खराब हैं कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए लाइन लगानी पड़ रही है. जबकि सरकार ने शवों को जलाने के लिए अस्थाई प्लेटफार्म बनाए हैं. गुजरात के सूरत में 24 घंटे लगातार शव जलाने से कई शमशानों की गैस भट्ठी पिघलने लगी हैं.

साभार:ANI

देश में इतनी भयानक स्थिति होने के बावजूद कुंभ के शाही स्नान में जनसैलाब उमड़ा. माना कि प्रशासन ने शाही स्नान को लेकर काफी अच्छी तैयारियां की हैं. स्नान क्रम से लेकर रूट व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया था. लेकिन जब शाही स्नान के लिए लोगों की भीड़ आई तो प्रशासन के सारे इंतजामों की धज्जियां उड़ गईं. कोविड गाइडलाइंस तार-तार हो गए. शाही स्नान के दौरान जहां नजर घुमाओ वहां भीड़.

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मिली जानकारी के मुताबिक शाही स्नान में 12 बजे तक करीब आठ से दस लाख लोग गंगा में डुबकी लगा चुके थे. ऐसे में आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि शाही स्नान में भीड़ कितनी हुई होगी.

जब लोग ऐसे दृश्य देखकर चिंतित होते हैं और सरकार को सलाह देते हैं कि महामारी की इस भयावह स्थिति में कुंभ कराना सही नहीं है. वहां पर जमा हुई भीड़ कोरोना एटम बम बन सकती है. तो सरकार की तरफ से बेतुका बयान आता है. जिसमें कहा जाता है कि कुंभ में गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैलेगा.

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कोरोना के साए में आयोजित कुंभ मेले में बीते तीन दिनों में 1300 से अधिक लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. इनमें 18 संत-महात्मा भी शामिल हैं. मंगलवार को 9 संत-महात्मा कोरोना के हमले से नहीं बच पाएं. कुंभ 1 अप्रैल से शुरु हुआ था और यह 30 अप्रैल तक चलेगा.

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हरिद्वार में बीते तीन शाही स्नानों में करीब 49,31,343 संत और श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई. इस भीड़ में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का शाही स्नान होगा. जिसमें लाखों की भीड़ आना स्वाभाविक है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो यह कुंभ मेला लोगों के लिए काल साबित होगा.

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एक नज़र आंकड़ों पर डालते हैं

स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा
  • मकर संक्रांति पर्व 7,11,970
  • मौनी अमावस्या 3,76,725
  • बसंत पंचमी 2,38,531
  • माघ पूर्णिमा 6,37,000
  • महाशिवरात्रि 32,37,000
  • सोमवती अमावस्या 31,23,000
  • नव संवत्सर 4,56,712
  • मेष संक्रांति 13,51,631

कुल संख्या एक करोड़ एक लाख 32 हजार 569

कुंभ के दौरान बोर्डर पर कोरोना की जांच
  • कुल टेस्ट: 154467
  • कुल पॉजिटिव पाए गए: 222
  • टेस्ट न करवाने पर वापस गए श्रद्धालु: 56615
  • बॉर्डर से वापस लौटाए गए वाहन: 9786
  • बिना मास्क के चालान: 2641
  • बिना सोशल डिस्टेसिंग के चालान: 2342

यह भी पढ़ें- हरिद्वार: कुंभ मेला और तबलीगी जमात में जमीन आसमान का फर्क

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