Thursday, August 5, 2021

महिला पहले चरित्रहीन होती है फिर अपराधी, पर पुरुष हत्या के बाद सिर्फ खूंखार कातिल कहलाकर राहत पा लेता है

सोशल मीडिया पर आजकल एक नया ट्रेंड चला है, कहानियां बनाने का। यह कहानियां इंडियन टीवी सीरियल की तरह होती हैं, जिसमें एक से बढ़कर एक जायकेदार कहानियां होती हैं। इनमें इतना मसाला होता है कि किसी को भी बदहजमी हो जाए पर दिल नहीं भरता है।

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सोशल मीडिया के इन तथाकथित बुद्धिजीवी लेखकों की सारी कहानियां लड़कियों के चरित्र के आस-पास घूमती हैं। फिलहाल इस समय बेंगलुरु की युवती दिशा रवि इनकी थाली में है। जर्मन शेफर्ड से सटी हुई, छोटे बाल, कान तक खिंची अमेरिकी मुस्कान वाली दिशा रवि का नाम वैसे तो किसान आंदोलन की आड़ में भारत के खिलाफ साजिश करने का आरोप है, लेकिन ट्रोलर्स उनके चरित्र के पीछे पड़े हैं।

Disha Ravi story

उसकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करके दिशा का उभरा हुआ पेट दिखाकर सोशल मीडिया के शूरवीर कयास लगा रहे हैं, कि कुछ दिनों के बाद दिशा रवि के गर्भवती होने की खबर देगी और उसे छोड़ दिया जाएगा। बता दें, इस वक्त दिशा रवि पुलिस की हिरासत में है और इस मामले की तहकीकात चल रही है। यानी अभी दोष साबित नहीं हुआ है। जब तक दोष साबित नहीं होता है, वह तब तक अपराधी नहीं होता है, ऐसा भारत का कानून कहता है, और यदि वह इस मामले में दोषी मिलती है तो इसका उसके चरित्र से क्या लेना देना।

trollers narrative

पर सोशल मीडिया की ट्रोल आर्मी को इससे मतलब नहीं है। उनको तो इससे मतलब है कि कोई औरत गलती करते हुए पकड़ी गई है। गलतियों और साजिशों में भी मर्दों का कॉपीराइट है। अगर किसी औरत का नाम इसमें आता है,तो उनको  ऐसा लगता है कि किसी ने उनकी आरक्षित सीट हथिया ली है।

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तुरंत महिला के चरित्र के बारे में नई-नई कहानियां गढ़ने लगते हैं। भले इन ट्रोलर्स का खुद का इतिहास कच्चा हो, लेकिन औरत के चरित्र का इतिहास बताने में बिल्कुल देरी नहीं करते हैं। औरत कितना हसंती है, उसके झाड़ जैसे बाल है, जीन्स टॉप पहनती है, उसके तो मर्द दोस्त ज्यादा हैं या फिर कम उम्र में कमाऊ कैसे हो गई- जैसी बातें काफी हैं। यह खराब चरित्र का आरोप कल्त साजिश या डकैत से भी बड़ा हो जाता है।

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नरसंहार करने वाला पुरूष राहत पाने के बाद खूंखार हत्यारा ही रहता है, लेकिन महिला पहले चरित्रहीन होती है, फिर चोर डाकू या हत्यारी और इन अपराधों से कोर्ट से राहत मिलने के बाद रिहाई तो मिल जाती है, लेकिन चरित्रहीन होने का दाग जिंदगी भर के लिए लग जाता है। यह चरित्रहीन का ठप्पा उनके शरीर में अतिरिक्त अंग की तरह उग आता है और वह जहां जाती हैं, वहां ये अंग उनके व्यक्तित्व को खा जाता है। पर ट्रोलर्स को इससे क्या? उनको तो हतिमताई की एक से बढ़कर एक कहानियां रचनी है।

 

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