मैं इंतजार करूंगी तुम्हारी ऐसी दस्तक का

0
75

सुनो, तुम जब पहली दस्तक देना मुझसे मिलने की, तो मेरे अरमानों के लिए एक अटैची अपने साथ लेते आना, उसमें तुम ” मेरे सपने जो अभी तक थके नहीं हैं, कुछ सुकून जो अभी मिला नहीं है, एक फुल प्लेट ताज़ा इश्क जो अभी तक चखा नहीं और एक जोड़ी पायल” जरूर रख लेते आना. और हां अरमानों की उस अटैची की मजबूती जांच लेना, हमें अब लम्बा सफर तय करना है.

तुम आना, मेरे सपने अपनी आंखों में लिए, तब तुम्हारी आंखो में झिलमिल करती वो ध्रुव तारे सी चमक मैं उधार लेकर मेरा अंतर्मन रौशन कर लूंगी. मैं इंतज़ार करूंगी, तुम्हारी ऐसी दस्तक का.

तुम आना, मेरा सुकून भी लेते आना, तब मैं तुम्हारे चेहरे के वो एक ओर से दूसरी ओर तैर जाने वाली भीनी सी मुस्कान को मैं उधार लेकर अपने कष्टों की आखिरी किश्त भी चुका लूंगी. मैं इंतजार करूंगी, तुम्हारी ऐसी दस्तक का.

तुम आना, मेरे प्रेम की ऊष्मा अपने सीने में लिए, तब तुम्हारे प्रेम की वो धड़कती बारूद मैं उधार लेकर मेरे ज़हन की मसला-ए-कश्मीर सी उल्झनों पर  सर्जिकल स्ट्राइक कर लूंगी. मैं इंतजार करूंगी, तुम्हारी ऐसी दस्तक का. मैं इंतजार करूंगी तुम्हारी ऐसी दस्तक का.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here