Saturday, October 16, 2021

फेसबुक का सबसे खतरनाक डेटा लीक, भारत के इन शहरों को बनाया निशाना

इंटरनेट के इस दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गया है. हमारे घर के लगभग सभी सदस्य सोशल मीडिया पर मौजूद हैं. सोशल मीडिया ने लोगों के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है. साथ ही यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां पर हम अपने विचार खुलकर रखते हैं.

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इसका इस्तेमाल लोगों ने हथियार के रूप में भी किया है. हाल ही में आपने सोशल मीडिया पर देखा होगा कि लोगों ने बेरोजगारी से परेशान होकर एक कैंपेन चलाया था. ताकि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर हो. इससे आप समझ सकते हैं कि सोशल मीडिया हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है. लेकिन सोशल मीडिया के अपने कुछ नुकसान भी हैं. कहा जाता है ना हर सिक्के दो पहलू होते हैं. ये इसका दूसरा पहलू है.

हम सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत ही लापरवाही से करते हैं. हम सोशल मीडिया पर उन बातों का भी जिक्र कर देते हैं जो जरूरी नहीं होती हैं. फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हमारे बारे इतना जानते हैं कि शायद ही आपके घरवालों को पता हो. ऐसे में यह बात बेहद खतरनाक बन जाती है.

हाल ही में फेसबुक के सबसे बड़े डेटा लीक का खुलासा हुआ है. अगर आपके वॉट्सऐप पर ऑनलाइन गेम का लिंक या किसी रियल स्टेट कंपनी से घर खरीदने के लिए मैसेज आ रहा है, जिसे आप आमतौर पर इग्नोर करते हैं. लेकिन वॉट्सऐप पर ऐसे मैसेज आना बंद नहीं होते हैं और लगातार बढ़ते जा रहे हैं तो आप समझ लीजिए आप भी उन 53.3 करोड़ फेसबुक यूजर्स में शामिल हैं जिनका डेटा लीक हुआ है.

जी हां, 53.3 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा लीक हुआ है वो भी 106 देशों के. इसकी जानकारी साइबर सुरक्षा कंपनी हडसम रॉक के को-फाउंडर और CTO एलन गाल ने ट्वीवटर पर ट्वीट कर दी. उन्होंने बताया कि फेसबुक यूजर्स के डेटा लीक के दौरान चोरी किए गए फोन नंबर्स को टेलीग्राम बॉट के जरिए फ्री में बेचे जा रहे हैं.

इन 53.3 करोड़ यूजर्स में से 61.5 लाख भारतीय भी शामिल हैं. जिनका डेटा लीक हुआ है. पहले भी फेसबुक का डेटा लीक हो चुका है. लेकिन इस बार का डेटा लीक ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसमें यूजर्स के नाम, ईमेल आईडी, फेसबुक आईडी समेत उसका फोन नंबर, घर का पता, जन्म की तारीख, वर्कप्लेस और अकाउंट बनाने की तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां चोरी हुई हैं. हालांकि, इन डेटा में फाइनेंशियल जानकारियां और पासवर्ड नहीं शामिल हैं.

डेटा कैसे लीक किया गया?

फेसबुक यूजर्स का यह डेटा एक बॉट ( Automated Robotic Software) के जरिए लीक हुआ. जिसने फेसबुक सिक्योरिटी की कमी का फायदा उठाया और यूजर्स के प्रोफाइल से जुड़े फोन नंबर और दूसरी जानकारियां चोरी कर ली. इस डेटा लीक में अमेरिका के 3.2 करोड़ लोग और ब्रिटेन के 1.15 करोड़ लोग शामिल हैं.

फेसबुक के इस डेटा में लोगों की जो पर्सनल इन्फॉर्मेशन लीक हुई है, उसे सबसे पहले डार्क नेट पर डाला गया. ये इंटरनेट का वह हिस्सा है जहां पर गूगल, बिंग और सफारी जैसे आम ब्राउजर से नहीं पहुंचा जा सकता है. डार्कनेट का इस्तेमाल अधिकतर गैर-कानूनी कामों को अंजाम देने के लिए किया जाता है.

डेटा लीक को लेकर फेसबुक की लीपापोती

फेसबुक के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के डायरेक्टर माइक क्लार्क ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखा. जिसमें उन्होंने बताया कि फेसबुक का डेटा लीक नहीं हुआ है बल्कि उसे स्क्रैप किया गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि डेटा स्क्रैपिंग एक चालाकी भरा तरीका है, जिसमें ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए इंटरनेट मौजूद डेटा को निकाल लिया जाता है, जो एक गैर-कानूनी प्रक्रिया है.

डेटा लीक की खबर दो साल पुरानी है लेकिन चर्चा अभी क्यों?

डेटा लीक की बात फेसबुक ने खुद सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है. इसके साथ कहा है कि लीक हुआ डेटा जो साल पुराना है, जो लंबे समय से डार्क वेब पर मौजूद था और इसे खरीदने के लिए मोटी रकम देनी पड़ती थी. लेकिन अब यह डेटा खतरनाक बन गया है. क्योंकि हैकर्स ने फेसबुक यूजर्स के डेटा को डार्क वेब पर फ्री कर दिया है. इसका मतलब अब आतंकियों और अपराधियों को 53.3 करोड़ लोगों का डेटा फ्री में मिलेगा.

करोड़ों का डेटा फ्री में क्यों दे रहे हैकर्स

फेसबुक जैसी कंपनियों के डेटा की कीमत करोड़ों में होती है. ऐसे में अगर कोई हैकर इसे फ्री में दे रहा है तो इसके पीछे की वजह क्या होगी? इस सवाल का जवाब देते हुए साइबर रिसर्चर डेव वॉकर ने कहा कि जिस हैकर ने डेटा लीक किया है उसने इसे 10 हजार डॉलर में खरीदा था. अगर वह इसे सस्ते में बेच रहा है तो इसका मतलब साफ है कि वह अपनी पहचान बनाने में लगा हुआ है.

डेटा प्राइवेसी को लेकर चेतावनी मिली पर फेसबुक ने कभी ध्यान नहीं दिया

फेसबुक का डेटा कई बार लीक हो चुका है. 2018 में हुआ कैंब्रिज एनालिटिका स्कैंडल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. कैंब्रिज एनालिटिका एक ब्रिटिश कंपनी है जो पॉलिटिकल पार्टियों को सुझाव देने और उनके लिए रणनीति तैयार करने का काम करती है. इस कंपनी ने फेसबुक पर एक पर्सनालिटी क्विज ऐप के जरिए करीब 8.7 करोड़ लोगों की पर्सनल इन्फॉर्मेशन हासिल की थी.

इस बार फेसबुक को माफी मिलना मुश्किल है क्योंकि 2017 में ही फेसबुक को इसके बारे में आगाह किया गया था. यानी डेटा लीक होने के 2 साल पहले. लेकिन फेसबुक ने इसे नजरअंदाज कर दिया. इसके ठीक दो साल बाद किसी ने 53.3 करोड़ लोगों का डेटा चुरा लिया. इसका मतलब 20 प्रतिशत फेसबुक यूजर्स का डेटा उड़ाया गया है. बता दें, 31 दिसंबर तक फेसबुक इस्तेमाल करने वालों की संख्या 280 करोड़ थी.

भारत के किन शहरों को बनाया निशाना

इंडियन एक्सप्रेस ने जब भारतीयों के डेटा लीक का एनालिसिस किया, तो पाया कि भारत के बड़े महानगर सबसे ज्यादा निशाने पर हैं. दिल्ली में 1.55 लाख, मुंबई में 1.36 लाख, कोलकाता में 96,000 और चेन्नई के 39,000 लोगों का डेटा चोरी हुआ है. इसके अलावा हैदराबाद में 48,000 और बेंगलुरु के 50,000 लोगों की पर्सनल इन्फॉर्मेशन लीक हुई है. इनमें से 49 लाख पुरुष और 12.5 लाख महिलाओं के अकाउंट का डेटा लीक हुआ है.

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